ब्राह्मणों की पासी युवक की हत्या, रिपोर्ट दर्ज, कार्यवाही की मांग

प्रयागराज / कल बीती लगभग रात 7 बजे श्रृंगवेरपुर में संजय पासी की गांव के ही रमाकांत पांडेय देवेश पांडेय ,रामु पांडेय ,सुरेश पांडेय ने गोली मारकर हत्या कर दी, मृतक के दो बच्चे है । मृतक के बड़े भाई की पहलें ही मृत्यु हो चुकी हैं। उनके भी दो बच्चे हैं जिनका खर्च भी मृतक ही उठा रहा था । अब घर मे कोई कमाने वाला नही बचा ।

पत्नी के तहरीर पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज करके धर पकड़ शुरू कर दीं है। अब तक एक आरोपी को पुलिस ने गिफ्तार कर लिया है, दूसरे को पब्लिक ने मारकर घायल कर दिया है ,जो पुलीस के कस्टडी इलाज करा रहा है। दो मुलजिम फरार हैं।

आज एडवोकेट लालाराम सरोज ने अपने जूनियरों के साथ जा कर पोस्टमार्टम करवाया और हर सम्भव कानूनी मदद का अस्वाशन दिया हैं और मांग किया कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए सहित मृतक परिवार को मुवावजा दिया जाए।

मोदी के सीएए-एनआरसी से भारत का संविधान खतरें में है – उदय नारायण चौधरी

• पटना में जगलाल चौधरी की 125वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई.

बिहार पटना के अनुग्रह नारायण सामाजिक अध्ययन संस्थान में स्वतंत्रता सग्राम सेनानी जगलाल चौधरी की 125 वीं जयंती मनाई गई । जिसका उद्घाटन बिहार विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने किया। इस जयंती समारोह का आयोजन जगलाल चौधरी स्मृति संस्थान के द्वारा किया गया। इस अवसर पर उदय नारायण चौधरी ने सभा को सम्बोधित करतें हुए कहा कि

आजादी की लड़ाई में जगलाल चौधरी बड़ी भूमिका रही है।उनके नेतृत्व में आजादी की लड़ाई में दलित समाज के साथ साथ आज़ादी के दीवानें समाज के युवाओं ने बडी मात्रा में साथ खड़े रहें । उनके करिश्माई नेतृत्व से जगलाल को ‘बिहार का गाँधी’ कहा जाने लगा था । लेकिन अफ़सोस कि जिस देश को उन्होंने आजादी दिलाई , उस देश का संविधान आज खतरे में है और लोकतांत्रिक ब्यवस्था को चोट पहुंचाया जा रहा हैं । मोदी द्वारा लाया गया एनआरसी, सीएए जैसे काले कानून देश पर थोपा जा रहा है। उदय नारायण चौधरी ने जोरदार शब्दों में इस काले कानून का विरोध किया। इसके पहले जगलाल चौधरी स्मृति संस्थान के अध्यक्ष बिहारी प्रसाद ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया।

जगलाल चौधरी एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे जिसका जन्म 05 फरवरी 1895 को छपरा जिले के गरखा गांव में एक पासी परिवार में हुआ था।वे बचपन से ही इतने मेधावी थे की उन्हें राज्य सरकार की ओर से कक्षा 9 से ही ₹5/- वजीफा मिलता था।वे कक्षा 10 में पूरे जिले में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था। उन्हें गोल्ड मेडल भी मिला था।चौधरी जी जब मेडिकल के अंतिम वर्ष के छात्र थे उसी समय सन 1921 में महात्मा गांधी के संपर्क में आए।1932 के नमक आंदोलन में वे जेल भी गए।वर्ष 1937 में पूर्णिया जिले के कुर्सेला विधान सभा कांग्रेस पार्टी के विधायक भी चुने गए।और वे स्वास्थ्य एवम् उत्पाद मंत्री भी बनाए गए।1938 में सर्व प्रथम उन्होने ही मद्द निषेध लागू करवाया।1939 में द्वितीय विश्व युद्ध छिड़ गया ,बिहार सरकार से उन्हें इस्तीफा दे दिया।सत्याग्रह आंदोलन में भाग लेने के कारण उन्हें 1941 में जेल जाना पड़ा।अंत में 22 अगस्त 1942 को गरखा में अंग्रेजों की गोली से शहीद हुए।14 अगस्त 2000 को जगलाल चौधरी के नाम पर भारत सरकार ने डाक टिकट जारी किया ।बिहार सरकार ने भी उनके जन्म दिन 05 फरवरी को राजकीय सम्मान के साथ उनकी प्रतिमा स्थल पर उनकी जयंती मनाया गया ।

जयंती समारोह को विधायक बंटी चौधरी, राघो चौधरी ,डॉ धर्मदेव चौधरी,हीरालाल चौधरी,राजा चौधरी,अशोक चौधरी, बी के चौबे ,कामेश्वर गुप्ता,बिनोद चौधरी,सुनील कुमार,शिबू महतो,अनुज चौधरी,निशांत चौधरी, अमित कुमार और देव कुमार चौधरी ने भी संबोधित किया।
समारोह का संचालन संस्थान के सचिव ई.विश्वनाथ चौधरी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन जगदीश चौधरी ने किया।

रिपोर्ट : निशांत चौधरी , अमित कुमार

‘बिहार के गाँधी ‘नाम से चर्चित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जगलाल चौधरी की जयंती

●अजय प्रकाश सरोज

बिहार के गाँधी नाम से चर्चित स्वतंत्रता सग्राम सेनानी व पूर्व मंत्री जगलाल चौधरी जी का आज 5 फरवरी को जयंती हैं । पटना में बिहार सरकार और पासी समाज के द्वरा प्रत्येक वर्ष कार्यक्रम आयोजित होता हैं जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर अपने नेता जगलाल चौधरी को याद करतें उनके किये गए के कार्यों पर चर्चा करतें हैं । इस वर्ष भी ए .एन.सिन्हा समाजिक अध्ययन संस्थान में कार्यक्रम किया गया है

कौन थें जगलाल चौधरी –

5 फरवरी 1895 को जगलाल चौधरी
एक भारतीय स्वतंत्रता कार्यकर्ता , नेता और बिहार , भारत के राजनीतिज्ञ थे । वह एक सुधारक भी थे, जिन्होंने महिलाओं के अधिकारों , दलितों की मुक्ति, शिक्षा और बिहार में भूमि सुधार के लिए हमेशा याद किए जाते रहेंगे ।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

जगलाल जी का जन्म बिहार में सारण जिले के गरखा गांव में पासी जाति के ताड़ी विक्रेता मुशन चौधरी के घर हुआ था । उनकी शिक्षा छपरा जिला स्कूल, पटना कॉलेज और मेडिकल कॉलेज कलकत्ता में हुई थी।

स्वतंत्रता संग्राम में योगदान पुत्र भी शहीद-

चौधरी जी ने अपनी चिकित्सा शिक्षा बंद कर दी और 1921 में गांधी जी के आह्वान पर असहयोग आंदोलन में शामिल हो गए । वह जिला कांग्रेस समिति के सदस्य बने और नमक सत्याग्रह में भाग लेने के कारण उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया । 1941 में उन्हें गिरफ्तार किया गया और व्यक्तिगत सत्याग्रह में भाग लेने के लिए जेल में डाल दिया गया और 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन की ऊंचाई पर उन्होंने सत्याग्रह का नेतृत्व किया और पुलिस स्टेशन और डाकघर पर कब्जा कर लिया।गरखा में इसके लिए उन्हें गिरफ्तार किया गया और पांच साल कैद की सजा सुनाई गई। चौधरी जी के एक बेटे इंद्रदेव चौधरी को पुलिस ने आंदोलन के दौरान गोली मार दी थी।जिसमें वें शहीद हो गए। चौधरी जी 23 अगस्त 1942 से 30 मार्च 1946 तक उनकी रिहाई तक जेल में ही रहे।

राजनीतिक सफ़र

चौधरी जगलाल जी पहली बार 1937 में कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में बिहार विधानसभा के लिए चुने गए थे और वह चौथे मंत्री बने, तब बिहार सिर्फ चार ही मंत्री बनतें थें । प्रधानमंत्री तब मुख्यमंत्री को ही प्रधानमंत्री कहा जाता था ,उस समय कांग्रेस के मंत्रालय में सार्वजनिक स्वास्थ्य और आबकारी के प्रभारी बने। बिहार में शराबबंदी का लागू करने की हिमाक़त चौधरी जी ने ही उस दौरान की थीं। 1946 में उन्हें फिर से विधानसभा में शामिल किया गया और वे कांग्रेस के सार्वजनिक स्वास्थ्य और हरिजन कल्याण मंत्री बने । स्वतंत्रता के बाद, उन्होंने 1952 के आम चुनावों को सफलतापूर्वक लड़ा और बाद में 1957, 1962, 1967 और 1969 के चुनावों में विधानसभा के लिए फिर से चुने गए ।

चौधरी साहब बिहार में सामाजिक सुधार के पैरोकार थे। आबकारी मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बिहार में शराबबंदी लागू की। और बिहार में भूमि सुधार की वकालत करते हुए प्रति परिवार तीन एकड़ भूमि की ज़मीन सीलिंग की मांग कर रहे थे। 1953 में उन्होंने भारत को पुनर्निर्माण के लिए एक योजना लिखी।

मृत्यु और स्मरणोत्सव

जगलाल चौधरी जी की 1975 में मृत्यु हो गई। छपरा में जगलाल चौधरी कॉलेज का नाम उनके नाम पर रखा गया है। जगलाल चौधरी जी पर एक स्मारक डाक टिकट २००० में डाक विभाग जारी किया गया था । और अभी कुछ वर्ष पहलें उनकी अदम कद प्रतिमा भी पटना में लगाई गई हैं ।

देश ठेके पर चलेगा और हम कब गुलाम हो जायँगे पता भी न चलेगा- संपादक अजय प्रकाश

प्रयागराज : आज इलाहाबाद के अल्लापुर इलाके में किसानों – नौजवानों से सम्बंधित एक सामाजिक बैठक को सम्बोधित करतें हुए संपादक अजय प्रकाश जी ने अपनी राय रखी और कहा कि – किसानों की फसल का डेढ़ गुना दाम का दावा करने वाली सरकार किसानों की फसलों को नष्ट करवा रही हैं ।

खेती किसानी को आवारा पशुओं से बचाने में किसानों की नींद हराम हुई हैं, मॉब लॉन्चिंग की डर से किसानों का पशु ब्यापार ठप हो गया हैं । उसके जेब मे पैसे नही आ रहें हैं । देश में नौजवानों के हाथ मे रोजगार नही हैं करोंड़ों नौजवान बिना काम के घर बैठें है, परिवार और समाज में ईर्ष्या का दंश सह रहें है।सरकारी संस्थाओं को निजी कम्पनियों के हाथों बेचा जा रहा है । नौजवानों से मोटी रकम वसूलकर ठेके पर अस्थायी नौकरी दीं जा रही हैं।

देश की बिगड़ी हालात का जिम्मेदार देश का जवान और किसान है जो चुप है । अब इसे अपने हक़ के लिए इंकलाब करना होगा । वरना मोदी देश को भी प्राइवेट कम्पनियों के हाथों बेच देगा , हम आप देखते रह जाएंगे । देश ठेके पर चलेगा और हम कब गुलाम हो जाएंगे यह भी पता नही चलेगा ।

जय जवान ..जय किसान.. जय संविधान

पानी को तरस रहें पासियों की नही सुन रहा है उनका विधायक, प्रदेश में है राज्यमंत्री

जनपद अमेठी देश में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिला है । यहां एक सुरक्षित विधानसभा है जगदीश पुर जहां से बीजेपी का विधायक है और योगी सरकार में उसे राज्यमंत्री का बनाया गया है। लेकिन गाँव मे पेयजल की समस्या है जिसके लिए स्थानीय लोग मंत्री से कई बार मिलें लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला लेकिन हैंडपंप नही ! इस मोहल्ले में अधिकांश जनसंख्या पासी जाति की है और मंत्री भी पासी जाति से ही आतें हैं। ग्रामीण पासियों ने पुनः एक बार लिखित प्रार्थना पत्र देकर मांग किया है कि उनके मोहल्ले में पानी की ब्यवस्था कराई जाएं लेकिन अभी तक उनकी कोई सुध लेने नही आया ।

गाँव का ही एक लड़का जो अपनी फेसबुक पर इस तरह पोस्ट लिखा

” माननीय सुरेश पासी जी, राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार आपके जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत ब्लॉक शुकुल बाजार मऊजा हरखूमऊ गांव पासी पुरवा के निवासी आपको प्रार्थना पत्र लिख लिख कर एक अदद हैंडपंप के लिए तरस गए और मंत्री जी के सिर पर जूं तक नहीं रेंग रही..’

महाराजा बिजली पासी कीलें पर पासी सामाजिक कार्यकर्ताओं का जमावड़ा ,नही आया गीदड़ भपकी देनें वाला अराजक तत्व

लखनऊ / राजभर समाज के कुछ छुट भैया नेताओं एवम् अराजक तत्वो द्वारा लखनऊ स्थित बंगला बाजार में बीर शिरोमणि महाराजा बिजली पासी के किले का नाम बदलने एवम् किला प्रांगण में हवन, यज्ञ आज 30 जनवरी को किए जाने के षणयंत्र को विफल करने के लिए उत्तर प्रदेशीय पासी जागृति मंडल द्वारा दी गई सूचना के अनुसार उन्नाव के साथी राकेश आचार्य,राजाराम बौध्द,जगतपाल रावत,सुर्यपाल मुरली प्रसाद एवम् दिनेश कुमार वर्मा के साथ प्रेरणादायी पावन भूमि महाराजा बिजली पासी किला भूमि पहुंच कर प्रतिभाग किया।इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के संम्पूर्ण जनपदों से हजारों की संख्या में पासी समाज के संघर्षशील सामाजिक कार्यकर्ताओं , नवयुवकों, विधार्थियों महिलाओं ने षणयंत्र कारियो की निन्दा करने के साथ ही पासी समाज के इतिहास से छेड़छाड़ न करने के लिए आगाह करते हुए चेतावनी दी कि पासी,और भर समाज दोनों एक ही जाति है,जो अज्ञानता वश कतिपय कारणों से एक दुसरे से अलग हो गए हैं। कुछ स्वार्थी तत्व अपने फायदे के लिए दोनों को एक साथ आने नहीं देना चाहते हैं।उनकी किसी भी तरह की साज़िश को देश का संम्पूर्ण पासी समाज किसी भी तरह सफल नहीं होने देंगा।बीर शिरोमणि महाराजा बिजली पासी का किला आज जिस रूप में विद्यमान है,उसके लिए देशभर के पासी समाज ने उत्तर प्रदेशीय पासी जागृति मंडल सहित संगठनों के नीति निर्देशन में बहुत लम्बा संघर्ष किया है।उसे किसी भी कीमत पर मिटने नहीं दिया जायेगा यह इतिहास भारत वर्ष के समस्त मूलनिवासी समाज के लिए गौरव एवं प्रेरणा का श्रोत है।आज पासी समाज की ऐतिहासिक धरोहर के रक्षार्थ ,श्रीमती राजेश्वरी,अध्यक्ष,रामकृपाल पासी एडवोकेट, डी पी रावत ,सरस्वती प्रसाद,के.एल राजवंशी, शिवकुमार पुर्व अध्यक्ष ,राजकुमार इतिहास कार राष्ट्रीय पासी महासंघ अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद रावत,रामयश विक्रम , अखिल भारतीय पासी समाज के अध्यक्ष श्री आर ए प्रसाद (पूर्व आई. ए .एस)श्रीपाल वर्मा पूर्व पी सी एस, मोहनलाल गंज के सांसद कौशल किशोर एवं पूर्व सांसद श्रीमती प्रियंका सिंह रावत, राष्ट्रीय कल्याण मंच के अध्यक्ष अनोद रावत ,राकेश कुमार वास्तविक, भारशिव ऐतिहासिक शोध संस्थान के अध्यक्ष यशवंत सिंह ,डॉ रमेश कुमार,इलाहाबाद के साथी लालाराम सरोज,रंजीत पासी, राजेन्द्र सरोज, राकेश पासवान सहित हजारों पासी समाज के रणबांकुरों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज़ कराई और पासी समाज के स्वाभिमान हेतु हर प्रकार के संघर्ष में तन,मन,धन से सहयोग करने की शपथ लीं ।पासी समाज की चेतना से आज कोई भी लफ़ंगा महाराजा बिजली पासी किला पर अपने नापाक मंसूबों को लेकर आने की हिम्मत नही कर पाया ।

अमेठी में बाबा साहब की प्रतिमा को अराजक तत्वों नें किया क्षतिग्रस्त,रिपोर्ट दर्ज

रिपोर्ट ●आरडी पासी

अमेठी, बाजार शुक्ल अम्बेडकर चौराहे पर डॉ बाबा साहेब की विराजमान स्टेच्यु को आज की रात अराजक तत्वों ने कुछ हिस्सों को तोडकर छतिग्रस्त कर दिया है। भारी संख्या में लोग चौराहे पर जमा होने हो गए तो एसडीएम, सीओ ,एसएचओ, अादि को भारतीय बौद्ध संघ और पासी समाज अमेठी के सदस्यों ने मौके पर दरखास्त देकर एफआईआर दर्ज की गई है और स्थानीय प्रशासन से निम्न मांगे की-
(१) नई मूर्ति की स्थापना बिना विलम्ब कि जाय।
(२) सीसीटीवी कैमरा लगवाया जाय।
(३) सुरक्षा हेतु रेलींग लगाई जाय।

जो भी मांगे थी समय और माहौल को देखते हुए स्वीकृति दी है। शासन ने मूर्ति स्थापना मे हर संभव मदद की बात किया है। शांति पूर्वक धरना प्रदर्शन रहा। गौरतलब है कि आज भारतबंद का एलान था। आज कि रात मे ही मूर्ति का खंडन होना गहरी साजिश है। ध्यान भटकाने का आसान तरीका है असमाजिक तत्वों का। बाराबंकी, गौरीगंज, बाजार शुक्ल की भीम आर्मी काफी सख्या में थी। मीडिया कर्मी एवं फोर्स के काफी लोग मौजूद थे

एसपी मौर्य, विमलेश सरोज डीडीसी, राम सरन, धर्मेन्द्र कुमार बामसेफ, भाई लाल, रामदुलारे, एचआई एसपी सरोज साहब, भारी संख्या में महिलाओं का आना आदि खास बात यह रही कि नई मूर्ति नही लगती हैं तो धरना प्रदर्शन जारी हो जायेगा।

गणतंत्र दिवस पर पाठकों के लिए संपादक के दो शब्द

प्रिय पाठकों ! हमारा और आपका रिश्ता भाईचारे का हैं ,प्रेम का हैं . इसलिए हम तमाम मुश्किलों के बावजूद आपके बीच बनें हैं । कोई हमें मान देता हैं तो कोई अपमान ! लेकिन इन सब के बीच हमने अपनी विश्वनीयता बरक़रार रखी हैं ,और भारत के विविध सामाजिक ताने बानें में आप सबकी आवाज़ को एक अलग पहचान देनें की भी लगातार कोशिश की हैं । आज 26 जनवरी के मौके पर आप सबसे दो बात करने की नियति से यह लिख रहा हूँ की हम जातिय पहचान में भलें हैं लेकिन हम देश के नागरिक हैं इस बात की जिम्मेदारी का एहसास हमें रहना चाहिए .”आज ही के दिन यानी 26 जनवरी सत्र 1950 को भारत ब्रिटिश हुकूमत की गुलामी से मुक्त होकर, विविधता से भरें भारत को संचालित करने के लिए बाबा साहब अम्बेडकर की निगरानी में बनाए गए भारतीय संविधान को लागू किया गया था। और भारत गणतांत्रिक देश के रूप में स्वीकार हुआ ।इस गण अर्थात जन, तंत्र के आगे कहीं भी हिन्दू ,मुसलमान ,बौद्ध,सिख ईसाई, पारसी ,यहूदी शब्द नही जोड़ा गया । यह देश के राष्ट्र निर्माण की बुनियाद थीं कि देश की जनता का ही तंत्र होगा वही देश का असली शासक होगा ।जिसका कोई विशेष रूप रंग ,भाषा ,जाति यहां तक कि लिंग भी नही होगा । जो जिस तरह का होगा बस वह देश की जनता के रूप में देखा जाएगा किसी नश्ल के रुप में नही ! यह सोंच ही भारत को एक अनोखे देश के रूप में समृद्ध किया । लेकिन वर्तमान परिदृष्य में देश की एकता व अखण्डता को तोड़ने की कोशिश हो रहीं है। जिसके लिए हम सबको मुठ्ठी तानकर और आंखे भींचकर खड़े होने की जरूरत हैं ।भारत की डाइवर्सिटी जिसे हम “अनेकता में एकता “के रूप में देखतें है यहीं भारत को दुनियां के अन्य मुल्कों से अलग करतीं हैं । इसे बचाएं रखना ही हम सबका पहला और अंतिम कर्तब्य होना चाहिए । यहीं विविधता ही हमें बचाएं रखेंगी वरना हमारी पहचान भी खतरें में होगी ।

” गणतंत्र दिवस की शुभकामनाओं सहित ”
आपका मित्र ,
डॉ .अजय प्रकाश सरोज(संपादक -श्रीपासी सत्ता पत्रिका )

संध्या सरोज के इलाज़ को मंडल परिवार ने किया आर्थिक सहयोग!

बाएँ से श्री ओमप्रकाश सरोज जी वरली,अध्यक्ष श्री उमेश पासी ,श्री प्यारेलाल सरोज जी ( संध्या सरोज के पिता जी), और अशोक जी

मुंबई / 22 जनवरी दिन बुधवार को अखिल भारतीय पासी विकास मंडल मुम्बई के केंद्रीय कार्यालय में पासी समाज की बेटी संध्या प्यारेलाल सरोज को उनके वॉल रिप्लेसमेंट इलाज के लिए मंडल परिवार के सदस्यों द्वारा जमा किये गए रुपये 42602/-आर्थिक सहयोग बेटी संध्या के पिता प्यारेलाल सरोज जी को सौप दिया। जानकारी के मुताबित अध्यक्ष उमेश कुमार पासी की पहल पर यह संवेदनशील कार्य संपन्न हुआ।

यह निवेदन आया था समाज के एक सज्जन जिनका नाम रामप्यारे(प्यारेलाल) जी है और वो पेशे से टैक्सी ड्राइवर हैं तथा वर्ली में रहते हैं ।उनकी बेटी जिसका नाम संध्या है, बिटिया की उम्र मात्र 18 वर्ष है,उसके हार्ट के वाल्व खराब हो गए हैं, तथा KEM हॉस्पिटल में उसका प्रस्तावित खर्च 2 लाख 20 हजार है।रामप्यारे जी इस खर्च का भार उठाने में खुद को असमर्थ पा रहे थे।अतः उन्होंने समाज से विनती की थी । गम्भीरता को देखते हुए अध्यक्ष उमेश जी ने पहल की और पासी समाज के आम ७० लोगों ने मिलकर 42,000 रुपए जमा कर प्यारेलाल जी की मदद की ।

इस अवसर पर मंडल कार्यालय में अध्यक्ष उमेश पासी जी के साथ ओमप्रकाश जी , मिठाई लाल पासी जी , हरीलाल मास्टर , अशोक जी, चन्दन जी एव प्रो.वीरेंद्र उपस्थित रहें। इस सामाजिक कार्य में सहयोग करने वाले सभी साथियों को अखिल भारतीय पासी विकास मंडल मुंबई ने आभार ब्यक्त किया।

क्रांतिवीर मदारी पासी के जीवन पर शार्ट फ़िल्म बना रहें हैं केशव कैथवास

उत्तर प्रदेश के जनपद हरदोई में जन्मे एका आंदोलन के जनक किसान नेता क्रांतिवीर मदारी के जीवन पर आधारित शार्ट फ़िल्म का निर्माण कार्य शुरू हैं .यह कार्य फिल्मों के माध्यम से पासियों में जन जागृति का कार्य करनें वालें मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जनपद के परसिया तहसील के निवासी केशव कैथवास कर रहें हैं.यह शार्ट फ़िल्म मशहूर लेखक ब्रजमोहन द्वारा लिखित उपन्यास ‘क्रांतिवीर मदारी पासी ‘ पर आधारित हैं

कैथवास जी पासी समाज के महापुरुषों पर फिल्में बनातें हैं और लगातार बेहतर करने का प्रयास करतें रहतें हैं । केशव अन्य युवाओं को भी कम बजट में शार्ट फिल्में बनाने का तरीका भी बताते हैं जिससे कम पैसे में समाज में जागरूकता का कार्य किया जा सकें।

आज उन्होंने अपनी आगामी फिल्म क्रांतिवीर मदारी पासी के लिए तहसील परासिया में हर्रा हेट स्थान पर एक विशेष शॉट की शूटिंग संपन्न किया जिसमें स्थानीय गांव के अनेक बुजुर्ग साथियों ने सहयोग किया ।

फ़िल्मकार केशव कैथवास का यह जुनून ही है कि वह छोटे से कैमरें से भी शूटिंग करतें रहतें हैं