युवा उद्धयोगपति प्रमोद कुमार सरोज जी को मिला इंडीयन लीडरशिप अवार्ड !

नई दिल्ली में आज 20 मई को ऑल इंडिया अचीवर फ़ाउंडेशन द्वारा आयोजित इंडीयन लीडरशिप अवार्ड इन इंडस्ट्रीयल डिवेलप्मेंट आयोजन में CPS Developers & Consultancy PVT. LTD. को नैशनल लीडरशिप का अवार्ड मिला । प्रमोद कुमार सरोज जी समाज के कुछ गिने चुने युवा उद्योगपतियों में से है । प्रमोद जी इस कम्पनी के निदेशक है और यह अवार्ड उन्हें डा० भीष्मा नारायण सिंघ पूर्व गवर्नर एंड यूनीयन मिनिस्टर , श्री बी पी सिंघ पूर्व गवर्नर ( सिक्किम ) ,वेद प्रकाश सेक्रेटरी ओफ़ इंडीयन कोंग्रेस कमिटी और श्री हरिकेश बहादुर पूर्व मेम्बर ओफ़ पार्लियामेंट के हाथो प्राप्त हुआ । 

प्रमोद कुमार सरोज जी युवा उद्धयोगपति है जो अपने बिज़नेस को बुलंदियों पर ले जाने के लिए हमेशा प्रयासरत तो  रहते ही  है पर साथ ही साथ समाज के प्रति भी काफ़ी रुचि रखते है । और सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति अक्सर दिखती रहती है । 


आज के समय में जहाँ बहुजन और पिछड़ो के बारे में हमेशा नेगेटिव समाचार छपते रहते है इस तरह के समाचार समाज को गर्व करने का मौक़ा देते है । बहुत बहुत बधाई प्रमोद कुमार सरोज जी । – राजेश पासी, मुंबई 

श्रीपासी सत्ता द्वारा आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार सफलता पूर्वक संपन्न!

13 मई 2017 को इलाहाबाद संग्रहालय सभागार में आयोजित एक दिवसीय सेमिनार सफलता पूर्वक पूर्ण हुआ । इस आयोजन में  उत्तरप्रदेश के अलावा दिल्ली , मुंबई , मध्य प्रदेश  और बिहार के साथियों ने भी भाग लिया । सेमिनार के लिए देश भर से पत्रिका से जुड़े लोग , साहित्य लेखन से जुड़े लोग , ऐसे युवा जो अपनी पहचान सिर्फ़ अपने बल बूते पर बनाए है और समाज  में ऐक्टिव है ऐसे सीमित लोगों को ख़ास तौर पर आमंत्रित किया गया था । राजनीतिक  और पासी समाज  की संस्थाओ को फ़िलहाल इसमें शामिल नही किया गया था । यह सेमिनार पत्रिका की वेब्सायट के एक साल पूर्ण होने पर हमारे साथी डा० रमेश ( कॉर्प्रोट मंत्रालय ) की सलाह पर प्रयोग के तौर पर किया जो पूरी तरह से सफल था ।

मंच पर उपस्थित लोगों में प्रमुख अतिथि श्री छोटालाल पासी (IAS) अपर आयुक्त फ़ैज़ाबाद मंडल थे , इतिहासकार में लखनऊ से राजकुमार इतिहासकार जी और हरदोई से बहुजन चिंतक राम दयाल वर्मा जी थे , युवा साथी डा० रमेश आईएएस अलायड ( कारपोरेट मंत्रालय ) , राम सुचित भारतीय जी (प्रबन्ध सम्पादक), फ़िल्मकार केशव कैथवास जी , प्रोफ़ेसर भगवानदीन उपस्थित थे ।

सेमिनार शानदार वातानुकूलित हाल में लंच की वयस्था के साथ रखा गया था । सभी उपस्थित साथियों के नाम तो पॉसिबल नहि है पर सम्पादकीय मंडल के R K सरोज ( कवि /दरोग़ा ) , बिहार के वेद प्रकाश ( सोशल मीडिया स्टार ) उनके साथ अमित जी , राम यश विक्रम जी , बनारस के सोनू सिंह पासी , मुंबई के राजेश पासी , प्रतापगढ़ के वेद ( आर्यन ) जी , साथी यशवंत सिंह , प्रियांक जी , नोयडा से संजीव जी ,रागिनी जी , राजू पासी जी , नीरज जी आकर्षण के केंद्र थे ।

चूँकि यह एक दिवसीय सेमिनार था उपस्थित सभी लोगों ने अपने विचार रखे । मुख्य अतिथि छोटे लाल पासी जी कहा कि पासी समाज का चरित्र स्वाभिमानी है। वह आत्म सम्मान से समझौता नही करता है।इतिहासकार और साहित्य से जुड़े लोगों ने समाज पर अपना नज़रिया रखा । सम्पादक अजय जी ने  अपने व्याख्यान में समाज में वर्तमान के सभी पहुलुओं पर अपना पक्ष रखा । कम उम्र में इतनी परिपक्वता भरा विश्लेषण ने सभी का ध्यान खींचा। महिला साथियों में डा० सुधा जी ने महिलाओं और शिक्षा पर अपना दमदार पक्ष रखा , इलाहाबाद  के आसपास में सामाजिक रूप ऐक्टिव मिस रागिनी जी ने समाज में महिलाओं की भागीदारी पर ज़ोर दिया ।

इस सेमिनार  में भाग लेनेवाले 70% से ज़्यादा साथी 35 साल के आसपास के थे । सीनियर साथियों के सहयोग से आयोजित इस सेमिनार को युवा पासी समाज सेमिनार कहना ग़लत न होगा । और सबसे अच्छी बात  सेमिनार में अलग -अलग क्षेत्रों से  जुड़े लोगों का समावेश था । तक़रीबन  हर क्षेत्र में माहिर लोग  चाहे शिक्षा , साहित्य , फ़िल्म , लेखक , इतिहासकार , डॉक्टर , इंजीनियर , कवि , सरकारी अफ़सर , टीचर , विद्यार्थी , पत्रकार , सोशल मीडिया स्टार सभी क्षेत्र के लोग इस सेमिनार में उपस्थित थे । सभी लोगों से मिल कर एक दूसरे से मेल मुलाक़ात कर सभी बिंदुओं पर चर्चा हुई । 
सेमिनार में मंचाधीन साथियों के हाथो श्री पासी सत्ता पत्रिका के इस महीने के अंक का भी विमोचन हुआ । यह अंक मदारी पासी को समर्पित किया गया है जो जल्द ही आपके हाँथों में होगा ।
सेमिनार के अंत में हरदोई के पत्रकार साथी स्व0 हरिनाम रावत के सड़क हादसे में हुई असामयिक मृत्यु पर दो मिनट की शोक सभा होकर सम्पन्न हुई।

जय भीम , जय भारत

मुंबई में भ्रष्टाचारी ब्यवस्था के ख़िलाफ़ रामशंकर सरोज ने छेड़ी एक साहसिक जंग…

800 आरटीआई दर्ज कराने वाले रिक्शा चालक !

रामशंकर अयोध्याप्रसाद सरोज मुंबई के धारावी में रहने वाला एक आम रिक्शाचालक I रोज़ मेहनत करना और स्वाभिमान से रहता है । रामशंकर सरोज जी के जागरूक होने की कहानी शुरू होती है साल 2००3-०4 के आसपास जब मुंबई में पुनर्विकासन अधिनियम के तहत रामशंकर सरोज की सोसायटी को एसआरए के अंतर्गत एक बिल्डर को विकास करने के लिए दी गई । जब रामशंकर सरोज को यह पता चला कि बिल्डर ग़रीब निवासियों को धोखा दे रहा है तो रामशंकर के अंदर का स्वाभिमानी कार्यकर्ता भ्रष्ट बिल्डर के ख़िलाफ़ उठ खड़ा हुआ । 
रामशंकर सरोज जी ने महाडा ( महाराष्ट्र सरकार की हाउज़िंग डिवेलपिंग अथॉरिटी) और बिल्डर के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ बुलंद करना शुरू किया ।

बिल्डर के अनेक अनिधकृत निर्माण कार्य के ख़िलाफ़ सबूत देकर और आरटीआई का उपयोग कर सलंगन अधिकारियों और पोलिस की मदद से किए जा रहे अनिधकृत कार्यों की जानकारी उजागर हुई ।

सरकारी ब्यवस्था केवल काग़ज़ों पर हवाई घोड़े दौड़ाते है और यही ब्यवस्था भ्रष्ट मंडलीयो का पालन पोषण करते है। यह बात रामशंकर जी को समझ में आ गई ।परंतु उन्होंने प्रण किया इस ब्यवस्था के ख़िलाफ़ लड़ते हुए अगर मै मर तो भी गया तो चलेगा पर अपने जीते जी इस लड़ाई से पीछे नही हटूँगा ।और यही मंत्र रामशंकर सरोज जी के जागरूक हो कर लड़ाई लड़ने का सहारा बना ।
एक सीधा सादा केवल दसवीं पढ़ा रिक्शा ड्राइवर रामशंकर सरोज ने पिछले 6 सालों में आरटीआई के ज़रिए मुंबई में महडा, महानगरपालिका ,मंत्रालय , पोलिस टेशन और दूसरे सरकारी दफ़्तरों के अनाधारिक कार्यों को उजागर किया है ।
कई बार इन्हें जानकारी देने से टालने की कोशिश की जाती थी बहाने बनाए जाते थे क्योंकि अगर जानकारी दी तो बड़े अधिकारियों की पोल खुल जाएगी।

जानकारीं पाने के लिए रामशंकर जी कई कई बार आरटीआई के स्टेटलेवल कमिश्नर के कार्यालय पर जा कर अपील करते थे । पर अनेक जायज – नाजायज़ कारण बता कर काग़ज़ों के खेल – खेलकर जानकारी देने से महरूम कर देते थे ।

इस दौरान रामशंकर सरोज RTI न डाले इसके लिए अनेक प्रलोभन दिए जाते थे कुछ अधिकार्यो ने नए रिक्शे दिलाने की पेशकश की और RTI का पीछा छोड़नेके लिए कहा ।

कुछ बिल्डरो ने मुंबई जैसे शहरमें २-२ फ़्लैट्स तक देने का वादा किया ।

पर इस स्वाभिमानी आरटीआई कार्यकर्ता को इतने बड़े बड़े लालच भी उसके ईमान से डिगा नही पाए ।

भ्रष्टाचार का काला चेहरा सबके सामने लाना ही सरोज जी के जीवन का एकमात्र लक्ष्य है । इसलिए रामशंकर जी कोई ख़रीद नही सका । और नही ये बिकने वाले । सच के लिए लड़ना ही पासियो की असली पहचान है। 

ईमानदारी और निडरता रामशंकर का उदाहरण RTI कार्यकर्ताओं के लिए एक आदर्श उदाहरण है । 

RTI का उपयोग कर प्रशासन व्यवस्था को स्वच्छ करना और जागरूक नागरिकों का प्रशासन व्यवस्था पर पर पैनी नज़र रखने के लिए हज़ारों हज़ार रामशंकर सरोज का जन्म लेना आज समय की माँग है 

रामशंकर जी के बारे में मुंबई के कुछ मराठी और अंग्रेज़ी अख़बरो में कई बार छप चुका है । पर हिंदी अखबारो में इनके बारे में कुछ नहि छपा है( क्यों नहि छपा है यह जानना मुश्किल नहि है जब हम जानते है की हिंदी अखबारो में कौन लोग मुख्य पद पर है ) ईसिलिए अपने पासी समाज के लोगों को भी इनके बारे में कम ही जानकारी है । इनकी बहादुरी का पूरे पासी समाज के लिए गर्व की बात है ।अगर यही काम किसी साधन संप्पन या नेता ने किया होता तो पासी समाज के लोगों की जबान पर उनका नाम होता पर वह एक साधारण इंसान है इसलिए शायद वह पासी समाज के लिए आज भी अनजान है ।और उन्हें इस बात से कोई फ़र्क़ भी नहि पड़ता वह सिर्फ़ ईमानदारी से अपना कम करने में विश्वास करते है न की नाम के प्रचार का । नहि तो कोई कारण नहि था की कई बार ख़बरों में आने के बाद भी , जिसने मुंबई के सरकारी तंत्र में , जिसने प्राइवट बिल्डरो में अकेले ही खलबली मचा रखी है पासी समाज की गतिविधियों से दूर है ।
रामशंकर जी का मानना है की सेवा के लिए उठा एक हाथ प्रार्थना के लिए उठे दो हाथो से ज़्यादा महत्वपूर्ण है । – सुधीर सरोज, मुंबई